CG News-उधारी के चक्कर में युवक को होटल के कमरे में पीट-पीटकर मार डाला, इलाज के दौरान मौत के बाद NSUI नेता समेत 5 गिरफ्तार

CG News/छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक रूहकंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां उधारी के कुछ पैसों के विवाद में एक मासूम युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए छात्र संगठन NSUI के जिला उपाध्यक्ष मेजर सागर और जिला संयोजक प्रशांत राव समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने युवक को सरेराह अगवा कर एक होटल के कमरे में बंद किया और उस पर तब तक लात-घूंसे बरसाए जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। इलाज के दौरान हुई युवक की मौत ने अब पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है।
मृतक की पहचान 19 वर्षीय ऋषि निर्मलकर के रूप में हुई है, जो अपने पिता की कपड़े प्रेस करने की दुकान में हाथ बंटाता था। घटना की शुरुआत 20 जनवरी को हुई, जब ऋषि अपने दोस्त के साथ बाइक पर घूम रहा था। मुख्य आरोपी मेजर सागर, जो दुर्ग के एक होटल का मैनेजर भी है, ने ऋषि को कुछ पैसे उधार दिए थे।
पैसे वापस न मिलने और ऋषि द्वारा फोन न उठाने से नाराज मेजर सागर ने अपने साथियों के साथ कार से उसका पीछा किया और स्टेशन रोड से उसे जबरन अगवा कर लिया। आरोपी उसे दुर्ग के ’36 इन’ होटल ले गए और एक कमरे में बंद कर उसकी बेदम पिटाई की।
पिटाई के बाद आरोपियों ने ऋषि को बदहवास हालत में बाहर छोड़ दिया।
ऋषि किसी तरह अपने घर पहुंचा, लेकिन डर के मारे उसने परिजनों को चोट लगने की असली वजह नहीं बताई। दो दिन बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 25 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मौत हुई है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया।
सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू किया।
सबसे पहले 27 जनवरी को एनएसयूआई जिला संयोजक प्रशांत राव और लक्की उर्फ किशन को पकड़ा गया। इसके बाद, फरार चल रहे मुख्य आरोपी मेजर सिंह सागर, हरविंदर सिंह और अंकित झा को भी पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।








